कभी रुसवाई अपनी और ज़िल्लत याद आती है तुम्हें जब देखता हूँ तो मुहब्बत याद आती है
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे
Tehzeeb Hafi
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हम ग़रीबों का रहनुमा है इश्क़ हम मरीज़ों की इक दवा है इश्क़ इश्क़ को वो समझ न पाएगा जो ये कहता है मसअला है इश्क़
Danish Balliavi
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अपनी औक़ात व जज़्बात बता कर रख दो अपने दुश्मन की सभी हस्ती मिटा कर रख दो तुम को दिल्ली की सियासत नहीं जीने देगी ज़िंदा रहना है तो आतंक मचा कर रख दो
Danish Balliavi
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तुम मेरी साँसों में बसते हो हरदम दिल मेरा क्यूँ तोड़ के हँसते हो ऐ सनम
Danish Balliavi
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तुम मेरे ख़यालों में आया करते हो फिर कुछ लम्हें यूँँ नइँ ज़ाया' करते हो
Danish Balliavi
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तू इस मेरे दिल के बहुत पास क्यूँ है न जाने तू मेरे लिए ख़ास क्यूँ है
Danish Balliavi
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