कभी सोचा है तुम ने क्या गुज़रती है दिवाने पर के जब तुम ज़ुल्फ़ बिखरा कर निकल आते हो शाने पर
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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इक तरफ़ हुस्न-ए-तबस्सुम इक तरफ़ हुस्न-ए-हया और उस पर जान लेवा आप की अँगड़ाई है
Talha Lakhnavi
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तुझे याद करते करते मैं ये सोचता हूँ अक्सर तेरा हिज्र भी न हो तो मेरे पास और क्या है
Talha Lakhnavi
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तेरी हर अदा है दिलकश तेरा हुस्न दिलरुबा है तुझे जब से मैं ने देखा मुझे इश्क़ हो गया है
Talha Lakhnavi
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तेरी ता'रीफ़ बताने को ग़ज़ल कहते हैं हम कहाँ नाम कमाने को ग़ज़ल कहते हैं
Talha Lakhnavi
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ज़बाँ से अपने न हम कहें कुछ न वो कहें कुछ नज़र समझ ले नज़र की हरकत वो शा'इरी है
Talha Lakhnavi
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