khak aur khun se ek shama jalai hai 'nushur' maut se hum ne bhi sikhi hai hayat-arai
Related Sher
परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
283 likes
दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
267 likes
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
264 likes
गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
263 likes
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
More from Unknown
ज़िंदगी का हर वरक़ बा-शौक़ पढ़िए ये किताब इक रोज़ लौटानी भी तो है
0 likes
उस का मेरा साथ होना चाँद-तारों जैसा ही है दूरियाँ हैं तो बहुत पर लगता है इक साथ ही हैं
0 likes
तुम अगर छोड़ कर मुझ को जाना फिर दोबारा न इस दिल में आना
0 likes
ये चाँद तुम्हारे मुक़ाबिल भी तो नहीं मैं तुम को देख के ईद मनाऊँगा
0 likes
तुम पढ़ना क़ुरआन के हर इक हर्फ़ को यूँँ अपनी इन मीठी मीठी आवाज़ों से
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Unknown.
Similar Moods
More moods that pair well with Unknown's sher.







