किसी की राह के पत्थर से टकराता नहीं कोई मैं जब मुश्किल में होता हूँ तभी आता नहीं कोई ये मेरा दिल भी आदत में किसी बच्चे के जैसा है कभी भातें हैं इस को सब कभी भाता नहीं कोई
Related Sher
मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
271 likes
दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
267 likes
हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
157 likes
ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
174 likes
किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
162 likes
More from Rohit tewatia 'Ishq'
हम ने उन्हें कहा कि हमें वक़्त चाहिए थोड़ा अगर तमाम का मतलब नहीं पता
Rohit tewatia 'Ishq'
2 likes
मेरे इक काम में तुम साथ दोगी तुम्हारा दिल चुराना चाहता हूँ
Rohit tewatia 'Ishq'
2 likes
वो भी इक वक़्त था होती थी चमक आँखों में एक लड़की से मुझे प्यार हुआ करता था
Rohit tewatia 'Ishq'
3 likes
मुंतज़िर लोग तिरा नाम लिए जाते हैं पूछे जब कोई सबब राह पकड़ लेने का
Rohit tewatia 'Ishq'
3 likes
है हम पर भी ग़म की सलाख़ों की नेमत जो लब पे सितम हैं ज़बानों में आँसू
Rohit tewatia 'Ishq'
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Rohit tewatia 'Ishq'.
Similar Moods
More moods that pair well with Rohit tewatia 'Ishq''s sher.







