किसी उम्मीद का ये इस्तिआरा जान पड़ता है कि तन्हा ही सही सच झूट से अब रोज़ लड़ता है
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मेरी तन्हाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग मोहब्बत छोड़ देंगे या मोहब्बत ही करेंगे लोग
Ismail Raaz
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल हार जाने का हौसला है मुझे
Ahmad Faraz
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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उस सेे कहता हूँ इश्क़ मुहब्बत में रक्खा क्या है पर अपने दिल को ये मैं कैसे समझाऊँ यारो
Tarun Pandey
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मुझे पढ़ना मगर आराम से यारों⠀ ग़ुलामी को मलंगों से परे रखना⠀
Tarun Pandey
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तशफ़्फ़ी क्यूँ नहीं देता कभी मुझ को मिरा बेटा अरे मेरे गले लगने से उस का क्या बिगड़ता है
Tarun Pandey
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मैं भी कभी अपना समझता था उसे पर अब नहीं फुसला के वो तो प्यार से लोगों को छलता है ख़ुदा
Tarun Pandey
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रो रहा है बशर मगर देखो ज़िन्दगी को रफ़ू नहीं करता
Tarun Pandey
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