क्या जाने किस ख़ता की सज़ा दी गई हमें रिश्ता हमारा दार पे लटका दिया गया शादी में सब पसंद का लाया गया मगर अपनी पसंद का उसे दूल्हा नहीं मिला
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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे
Jaun Elia
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हर कोई सब्र की तलक़ीन किया करता है पर कोई ये तो बताए कि करूँँ मैं, कैसे?
Afzal Ali Afzal
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चालीस साल इस को अकेले निभाएँगे ये चार साल का जो तअल्लुक़ था दरमियाँ
Afzal Ali Afzal
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गर अदीबों को अना का रोग लग जाए तो फिर गुल मोहब्बत के अदब की शाख़ पर खिलते नहीं
Afzal Ali Afzal
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दुआएँ दे रहे हैं उस को ज़िंदगी की मगर हमीं हैं जिस ने कि जीना मुहाल कर दिया है
Afzal Ali Afzal
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सीने में मेरे दिल है, पर अब उस में तू नहीं या'नी तिजोरी तो है मगर धन नहीं बचा
Afzal Ali Afzal
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