मेरी ग़ज़लों मिरे शे'रों में होंगी ग़लतियाँ बेशक नहीं भेजा कोई मिसरा कभी उस्ताद को हम ने
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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जंग या मुहब्बत में है अगर जो सब जायज़ क़त्ल करते हम उन का शा'इरी नहीं करते
Kuldeep Tripathi KD
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बेटा हो या हो बेटी बराबर हैं सब याद तब आया जब उन को बेटी हुई
Kuldeep Tripathi KD
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क्या हुआ है अगर ये अगर हो रहा इश्क़ में एक लड़का निडर हो रहा जबसे पढ़ने लगा हूँ मैं आँखें तेरी अब सिलेबस भी मेरा कवर हो रहा
Kuldeep Tripathi KD
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राखियाँ जब देखता हूँ सोचता हूँ इक बहन देता मगर देता ख़ुदा तू
Kuldeep Tripathi KD
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मौत आई तो डाँट खाएगी इतनी भी कोई देर करता है
Kuldeep Tripathi KD
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