na khwab hi se jagaya na intizar kiya hum is dafa bhi chale aae chum kar us ko
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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मैं तो ऐ इश्क़ तेरी कूज़ा-गरी जानता हूँ तू ने हम दो को मिलाया तो बना एक ही शख़्स
Abbas Tabish
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तोहमत उतार फेंकी लबादा बदल लिया ख़ुद को ज़रूरतों से ज़ियादा बदल लिया
Abbas Tabish
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कब तुम्हें इश्क़ पे मजबूर किया है हम ने हम तो बस याद दिलाते हैं चले जाते हैं
Abbas Tabish
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मेरे आँसू मिरे अंदर ही गिरे रोने से जी और बोझल हो गया
Abbas Tabish
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सुनहरी लड़कियों इनको मिलो मिलो न मिलो ग़रीब होते हैं बस ख़्वाब देखने के लिए
Abbas Tabish
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