nahin hai ghar mein teri yaad ke alawa kuchh to kis ke samne chae bana ke rakhti hun
Related Sher
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
More from Rehana Qamar
नहीं है घर में तेरी याद के अलावा कुछ तो किस के सामने चाय बना के रखती हूँ
Rehana Qamar
0 likes
उस से बिछड़ के ख़ुद को सँभाला नहीं गया लगता है गिर पड़ी हूँ किसी चलती रेल से
Rehana Qamar
0 likes
मुझ को डोली में बिठा डर के हवाले कर दे मेरी माँ मुझ को मुक़द्दर के हवाले कर दे
Rehana Qamar
0 likes
जो मुझ से इश्क़ के क़िस्से सुनाता फिरता था कहीं वो मिलता तो मैं उस को आइना देती
Rehana Qamar
0 likes
जो कहना चाहती हूँ वो तो कह नहीं पाती ज़बाँ पे तज़्किरे आब-ओ-हवा के रखती हूँ
Rehana Qamar
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Rehana Qamar.
Similar Moods
More moods that pair well with Rehana Qamar's sher.







