नक़्श-ए-क़दम को मान के सच हम जो चल दिए फिर आ गए वहीं पे चले थे जहाँ से हम
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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ग़ुस्सा भी माँ का प्यार से तो कम नहीं मैं मर-मिटूँगा इतनी प्यारी चीख पर
Sabir Hussain
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ता-कयामत प्यासे सब दरिया रहेंगे दरिया की तो तिश्नगी ख़ुद कर्बला हैं
Sabir Hussain
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शोर-ओ-गुल माज़ी के अपने याद कर के तन्हा बूढ़ा घर बिलख कर रो रहा है
Sabir Hussain
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हम जो थे कभी सिकंदर अपनी दुनिया के उन के हाथों का खिलौना बन कर रह गए
Sabir Hussain
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बस ख़ुद-कुशी से बचने का जरिया है शा'इरी हम को सुख़न-वरी से तो शोहरत तलब नहीं
Sabir Hussain
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