नारसा मर्द फ़ज़ा तक क़ाबिल बारहा रात कटा पत्थर में
Related Sher
रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
307 likes
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
296 likes
इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
124 likes
दिन ढल गया और रात गुज़रने की आस में सूरज नदी में डूब गया, हम गिलास में
Rahat Indori
124 likes
घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
Tehzeeb Hafi
294 likes
More from Kunu
दर्द भी गुल बदन हुआ उस पे इस क़दर है निहाल इक लड़की
Kunu
0 likes
नीमजाँ तक छुटा नहीं दामन वो रही गुल-बदन क़ज़ा कामिल
Kunu
1 likes
सब जुनूँ बूद सक़ाफ़त तक ही कुछ नहीं नाज़ वफ़ा वहशत में
Kunu
3 likes
ज़िंदगानी हुई अदा ऐसे पीठ-पीछे यक़ीं नहीं थे हम मुफ़्लिसी सब उड़ा गई मंज़िल यार हासिल कहीं नहीं थे हम
Kunu
1 likes
गुफ़्तगू और नहीं वहमन से सब वफ़ा पीर दवा परवर में
Kunu
3 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Kunu.
Similar Moods
More moods that pair well with Kunu's sher.







