नया कोई शिकार खोजते हैं चलो इक और यार खोजते हैं कितने पागल हैं आज के आशिक़ बंद कमरे में प्यार खोजते हैं
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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शिफ़ा की बात आए तो सुख़न की मार मिलती है दिल-ए-बीमार को उम्मीद भी बीमार मिलती है
Prit
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कभी ब्याही थी बेटियाँ हम ने कभी की थी ज़कात फूलों की
Prit
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उसे बिन देखे देख लेते हैं हम वो हमें देख कर भी देखती नइँ
Prit
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कृष्ण से इश्क़ कर लिया मैं ने कोई लड़की नहीं लुभाती अब
Prit
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ज़िंदगी काम कर गई अपना मौत तुम काफ़ी देर से आई
Prit
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