नज़र ख़ामोश रहती है अदाऍं बात करती हैं सँवर कर जब निकलती है तो राहें बात करती हैं है भोलापन अदाओं में सभी के सामने उस का मुझे मालूम है उस की निगाहें बात करती हैं
Related Sher
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
कौन सी बात है तुम में ऐसी इतने अच्छे क्यूँँ लगते हो
Mohsin Naqvi
118 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
307 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
More from Prashant Arahat
उस ने मेरी आँखों पर चुपके से आ कर हाथ रखे इक चुम्बन होंठों पर ले कर यूँँ सारे जज़्बात रखे देख तुम्हें बस मेरे मन से एक दुआ ये उठती है मालिक इस जीवन भर मुझ को यार तुम्हारे साथ रखे
Prashant Arahat
1 likes
सितम ये है हमें वो आज आवारा समझते हैं जिन्हें हम आज भी सच में बहुत प्यारा समझते हैं हमारे दिल के सागर में कभी तुम डूबकर देखो इसे तो बे–वजह ही लोग बस ख़ारा समझते हैं
Prashant Arahat
1 likes
छोड़ गई है मुझ को तो इस की कोई परवाह नहीं उस सेे अच्छी लड़की से अब इश्क़ हमारा चलता है
Prashant Arahat
1 likes
उगाई फ़स्ल मैं ने थी बड़ी मेहनत लगाकर के मगर बेवक़्त बारिश ने तबाही सी मचाई है
Prashant Arahat
2 likes
तुझे ही चाहता हूँ मैं तेरा ही ख़्वाब आता है तेरे दीदार को अब भी मेरी आँखें तरसती हैं
Prashant Arahat
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Prashant Arahat.
Similar Moods
More moods that pair well with Prashant Arahat's sher.







