नींद के दायरे में हाज़िर हूँ ख़्वाब के रास्ते में हाज़िर हूँ याद है इश्क़ था कभी मुझ सेे मैं उसी सिलसिले में हाज़िर हूँ
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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ये भी मुमकिन है मियाँ आँख भिगोने लग जाऊँ वो कहे कैसे हो तुम और मैं रोने लग जाऊँ ऐ मेरी आँख में ठहराए हुए वस्ल के ख़्वाब मैं तवातुर से तेरे साथ न सोने लग जाऊँ
Ejaz Tawakkal Khan
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ज़रा सी देर कोई मुझ में रूनुमा हुआ था फिर उस के बा'द नहीं जानता मैं क्या हुआ था नए गुनाह की मुझे इस लिए इजाज़त है मैं पिछले जुर्म में ताख़ीर से रिहा हुआ था
Ejaz Tawakkal Khan
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बढ़ के इम्कान से नुक़्सान उठाए हुए हैं हम मुहब्बत में बहुत नाम कमाए हुए हैं मेरे मौला मुझे ता'बीर की दौलत दे दे मैं ने इक शख़्स को कुछ ख़्वाब दिखाए हुए हैं
Ejaz Tawakkal Khan
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