ये भी मुमकिन है मियाँ आँख भिगोने लग जाऊँ वो कहे कैसे हो तुम और मैं रोने लग जाऊँ ऐ मेरी आँख में ठहराए हुए वस्ल के ख़्वाब मैं तवातुर से तेरे साथ न सोने लग जाऊँ
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नई नई आँखें हों तो हर मंज़र अच्छा लगता है कुछ दिन शहर में घू में लेकिन अब घर अच्छा लगता है
Nida Fazli
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आप की आँखें अगर शे'र सुनाने लग जाएँ हम जो ग़ज़लें लिए फिरते हैं, ठिकाने लग जाएँ
Rehman Faris
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वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या
Ankita Singh
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आँख हो बंद तो वो अपना है आँख खुल जाए तो वो सपना है वो मिले या नहीं मिले हम को उम्र भर उस का नाम जपना है
Sandeep Thakur
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भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँँ रुका है ख़ुश हूँ मैं वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
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नींद के दायरे में हाज़िर हूँ ख़्वाब के रास्ते में हाज़िर हूँ याद है इश्क़ था कभी मुझ सेे मैं उसी सिलसिले में हाज़िर हूँ
Ejaz Tawakkal Khan
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बढ़ के इम्कान से नुक़्सान उठाए हुए हैं हम मुहब्बत में बहुत नाम कमाए हुए हैं मेरे मौला मुझे ता'बीर की दौलत दे दे मैं ने इक शख़्स को कुछ ख़्वाब दिखाए हुए हैं
Ejaz Tawakkal Khan
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ज़रा सी देर कोई मुझ में रूनुमा हुआ था फिर उस के बा'द नहीं जानता मैं क्या हुआ था नए गुनाह की मुझे इस लिए इजाज़त है मैं पिछले जुर्म में ताख़ीर से रिहा हुआ था
Ejaz Tawakkal Khan
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