nikal laya hun ek pinjre se ek parinda ab is parinde ke dil se pinjra nikalna hai
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लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यूँँ हैं इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँँ हैं मोड़ होता है जवानी का सँभलने के लिए और सब लोग यहीं आ के फिसलते क्यूँँ हैं
Rahat Indori
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तेरा बनता था कि तू दुश्मन हो अपने हाथों से खिलाया था तुझे तेरी गाली से मुझे याद आया कितने तानों से बचाया था तुझे
Ali Zaryoun
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मुझे याद करने से ये मुद्दआ' था निकल जाए दम हिचकियाँ आते आते
Dagh Dehlvi
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कभी तो कोसते होंगे सफ़र को कभी जब याद करते होंगे घर को निकल पड़ती हैं औलादें कमाने परिंदे खोल ही लेते हैं पर को
Siddharth Saaz
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पेड़ मुझे हसरत से देखा करते थे मैं जंगल में पानी लाया करता था
Tehzeeb Hafi
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नज़र में रखना कहीं कोई ग़म शनास गाहक मुझे सुख़न बेचना है ख़र्चा निकालना है
Umair Najmi
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शब बसर करनी है, महफ़ूज़ ठिकाना है कोई कोई जंगल है यहाँ पास में ? सहरा है कोई ?
Umair Najmi
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पता था उस से बिछड़ते ही दोस्त घेरेंगे वही हुआ मुझे रंज-ओ-अलम ने घेर लिया
Umair Najmi
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मैं एक किरदार से बड़ा तंग हूँ क़लमकार मुझे कहानी में डाल ग़ुस्सा निकालना है
Umair Najmi
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यार तस्वीर में तन्हा हूँ मगर लोग मिले कई तस्वीर से पहले कई तस्वीर के बा'द
Umair Najmi
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