परिंदा तूफ़ाँ में उखड़े शजर को ढूँढ़ता है अब, हाँ बेटा कुछ दिनों तक घर में आते कहता है माँ माँ
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
325 likes
More from 100rav
सात फेरे मत ले लेना कोर्ट मैरिज करना तुम तो काश हो पाऊँ तुम्हारा मैं किसी और ही जनम में
100rav
1 likes
पकड़ कर छोड़ दो कुछ भी तो इक अहसास रहता है तुम्हारा हाथ मेरे हाथ में था देर तक यारा
100rav
1 likes
उस सेे मिला तो जाना ये दुनिया बहुत ही छोटी है
100rav
1 likes
कोई कहीं बेघर हुआ तो लोग कुछ नाराज़ थे श्री राम के घर वापसी से भी वो अब नाराज़ हैं
100rav
1 likes
उसे तू छू ले बस अब ज़िस्म देता ये हिदायत है ये सोचा कैसे मेरा रूह करता ये शिकायत है मेरे ख़त को जलाकर कहती है अच्छा लिखा तुम ने, ख़ुदा तू ही बता दे ज़ुल्म है या फिर इनायत है
100rav
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on 100rav.
Similar Moods
More moods that pair well with 100rav's sher.







