पहले तो वो हाथ पकड़ कर कमरे से बाहर लाया और फिर मुझ को इस दुनिया में यार अकेला छोड़ गया
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हाथ ख़ाली है तेरे शहर से जाते जाते जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते
Rahat Indori
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हम भी गाँव में शाम को बैठा करते थे हम को भी हालात ने बाहर भेजा है
Zahid Bashir
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तुझ को छू कर और किसी की चाह रखें हैरत है और लानत ऐसे हाथों पर
Varun Anand
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राम होने में या रावण में है अंतर इतना एक दुनिया को ख़ुशी दूसरा ग़म देता है हम ने रावण को बरस दर बरस जलाया है कौन है वो जो इसे फिर से जनम देता है
Kumar Vishwas
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रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
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इक दफ़ा छू ली थी तेरी उँगलिया ले कर आया हूँ अँगूठी नाप की
Tanoj Dadhich
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तुम सेे बिछड़े फिर भी साँसे चलती हैं मछली पानी के बाहर भी ज़िंदा है
Tanoj Dadhich
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आप हम को अगर नहीं मिलते शा'इरी डाइरी में मर जाती
Tanoj Dadhich
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आगे चल कर जिस सेे शादी करनी हो पहले दिन से झूठ नहीं कहते उस सेे
Tanoj Dadhich
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रूह मेरी अब करेगी इंतिज़ार क़ब्र में ये फ़ोन भी रख दीजिए
Tanoj Dadhich
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