पुराने घर की यादें क्यूँँ न आएँ नए घर में कोई आँगन नहीं है
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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ज़िन्दगी क़र्ज़ की तेरी साँसें सूद के साथ मैं चुका दूँगा
Saarthi Baidyanath
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ज़िंदगी गुदगुदी के जैसी है आप रोने लगोगे हँसते हुए
Saarthi Baidyanath
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ये माना आप से बेहतर नहीं हूँ मगर मैं खेल से बाहर नहीं हूँ
Saarthi Baidyanath
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ये सूझ- बूझ नहीं आती सिर्फ़ पैसों से बग़ैर पैसों के भी सूझ- बूझ आती है
Saarthi Baidyanath
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ये भी कुछ कम नहीं हर नींद को हासिल हैं आँखें कि अब हर ख़्वाब को आँखें मिले मुमकिन नहीं है
Saarthi Baidyanath
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