सभी को याद करते हैं, वो जिस-जिस ने दिया धोखा मगर उन के दिलों से भी शिकायत ही न हो पाई
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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इसीलिए तो सब सेे ज़्यादा भाती हो कितने सच्चे दिल से झूठी क़स में खाती हो
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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मिला था जिस बग़ीचे में वो अब शमशान लगता है मुहब्बत ने ये कैसे दिन दिखाए हैं मुहब्बत में
"Nadeem khan' Kaavish"
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है जन्नत में सारी ही नेमत ख़ुदा की मुझे भी बताओ ये जन्नत कहाँ है
"Nadeem khan' Kaavish"
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मेरी बातों में नहीं आएगा चाँद रातों में नहीं आएगा जिस के हाथों में लिखा हूँ मैं, वो मेरे हाथों में नहीं आएगा
"Nadeem khan' Kaavish"
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मेरी बातों में नहीं आएगा चाँद रातों में नहीं आएगा
"Nadeem khan' Kaavish"
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यार तेरी चीज़ सब हम ने हटा दी इस नज़र से फेंक आया वो घड़ी भी जो कि लाई थी शहर से
"Nadeem khan' Kaavish"
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