शिद्दत-ए-तिश्नगी में मारे गए हैं हम भी कुछ ही दिन में यहाँ क्या क्या नहीं गुज़रा साहब
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
More from Amit Rajvanshi 'Guru'
यहाँ तो खेल सारा रौशनी का है यहाँ दीए के जलने से किसी को क्या
Amit Rajvanshi 'Guru'
0 likes
ये मुझ से बिछड़ना तो पहला क़दम था अभी तुम यहाँ और माहिर बनोगे
Amit Rajvanshi 'Guru'
0 likes
तेरे काँधे पे हाथ मेरा मैं रख तो दूँ लेकिन मेरे छूने भर से तेरा कुर्ता मैला लगेगा
Amit Rajvanshi 'Guru'
0 likes
ये मेरी मुश्किल कोई मुश्किल थोड़ी है गर वो मुश्किल में होता तो मुश्किल होती
Amit Rajvanshi 'Guru'
0 likes
वहशियों और दरिंदो के मेले सही हम अकेले हैं तो फिर अकेले सही
Amit Rajvanshi 'Guru'
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Amit Rajvanshi 'Guru'.
Similar Moods
More moods that pair well with Amit Rajvanshi 'Guru''s sher.







