तेरे बग़ैर गवारा नहीं बहिश्त मुझे मैं पुल सिरात पे बैठा हूँ इंतिज़ार में हूँ
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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तुम ने होंटों पे तबस्सुम जो सजा रक्खा है होश मग़रूर गुलाबों का उड़ा रक्खा है
Nirmal Nadeem
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फेंक आए हैं जहाँँ पे दियों को बुझा के हम देखो कहीं न ऐसा हो सूरज वहीं पे हो
Nirmal Nadeem
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तेरे होंटों से छलकती है किरन सूरज की तेरे हँसने से मेरी सुब्ह चमक उठती है
Nirmal Nadeem
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दिल पर तुम्हारे नाम की तख़्ती लगी न थी फिर भी ज़माना जान गया तुम यहीं पे हो।
Nirmal Nadeem
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अपने सीने से लगाकर जो तेरा ग़म रक्खा दिल की मिट्टी को हमेशा ही मुलायम रक्खा
Nirmal Nadeem
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