फेंक आए हैं जहाँँ पे दियों को बुझा के हम देखो कहीं न ऐसा हो सूरज वहीं पे हो
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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तुम ने होंटों पे तबस्सुम जो सजा रक्खा है होश मग़रूर गुलाबों का उड़ा रक्खा है
Nirmal Nadeem
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तेरे होंटों से छलकती है किरन सूरज की तेरे हँसने से मेरी सुब्ह चमक उठती है
Nirmal Nadeem
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मैं दर्द की ज़मीं पे गुहर ढूँढ़ता रहा वो आई और इश्क़ का इज़हार कर गई
Nirmal Nadeem
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दिल पर तुम्हारे नाम की तख़्ती लगी न थी फिर भी ज़माना जान गया तुम यहीं पे हो।
Nirmal Nadeem
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तेरे बग़ैर गवारा नहीं बहिश्त मुझे मैं पुल सिरात पे बैठा हूँ इंतिज़ार में हूँ
Nirmal Nadeem
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