तुझ सेे बिछड़ कर हम बताएँ हाल कैसा ये हुआ जो हाल था दशरथ का जब श्री राम से दूरी मिली
Related Sher
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
325 likes
ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
394 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
हम हैं ना! ये जो मुझ सेे कहते हैं ख़ुद किसी और के भरोसे हैं ज़िंदगी के लिए बताओ कुछ ख़ुद-कुशी के तो सौ तरीक़े हैं
Vikram Gaur Vairagi
94 likes
More from Divya 'Kumar Sahab'
मैं भरोसे को बचाने पर तुला हूँ वो बहानों पर उतरता जा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
0 likes
आज़माने में यही ख़तरा रहा है कल जो अपना था कहाँ अपना रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
0 likes
जितना ख़ुश रहते हैं हम उतना है जीवन सारा जीवन भी इक लम्हा हो सकता है
Divya 'Kumar Sahab'
7 likes
बस मोहब्बत बाँटने का ये असर हम पर हुआ वो हमीं हैं जो किसी के भी पसंदीदा नहीं
Divya 'Kumar Sahab'
2 likes
हाँ आप बच्चे की तरह मुझ को मना लेंगे अगर फिर आप सबके सामने भी डाँट मुझ को लीजिये
Divya 'Kumar Sahab'
7 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Divya 'Kumar Sahab'.
Similar Moods
More moods that pair well with Divya 'Kumar Sahab''s sher.







