तुम्हीं तो चले थे ज़माने से हट कर यक़ीं था तुम इक दिन हुक़ूमत करोगे
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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किस लिए देखती हो आईना तुम तो ख़ुद से भी ख़ूब-सूरत हो
Jaun Elia
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हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
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हमारा प्यार यूँँ ही पाएमाल होता रहा हर इक सवाल के बदले सवाल होता रहा जहाँँ में जो भी है उस का लिखा हुआ है अगर तो क्या हमारा फ़क़त इस्तिमाल होता रहा
Divyansh "Dard" Akbarabadi
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क्यूँ मिरे फूल से चेहरे यूँँ है मुरझाया सा तुझ सा तो बाग़-ए-जहाँ में कोई दूजा भी नहीं
Divyansh "Dard" Akbarabadi
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तब मिरा प्यार उन्हें रास नहीं आया था अब झुलसते हैं मिरे यार की तस्वीरों से
Divyansh "Dard" Akbarabadi
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तू आदतन चीज़ों को रखता था जगह पर इस लिए कमरे की सब चीज़ों को मैं भी दर-ब-दर करता रहा
Divyansh "Dard" Akbarabadi
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अगर आज मैं ने नहीं रोका तुम को तो आगे से तुम और रग़बत करोगे
Divyansh "Dard" Akbarabadi
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