उम्र का एक और साल गया वक़्त फिर हम पे ख़ाक डाल गया
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वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर आदत इस की भी आदमी सी है
Gulzar
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किताब फ़िल्म सफ़र इश्क़ शा'इरी औरत कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढ़ता हुआ मैं
Jawwad Sheikh
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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वो अपने ख़ून से लिखने लगी है नाम मेरा अब इस मज़ाक़ को संजीदगी से लेना है
Shakeel Jamali
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मसअला ख़त्म हुआ चाहता है दिल बस अब ज़ख़्म नया चाहता है
Shakeel Jamali
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अभी रौशन हुआ जाता है रस्ता वो देखो एक औरत आ रही है
Shakeel Jamali
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शदीद गर्मी में कैसे निकले वो फूल-चेहरा सो अपने रस्ते में धूप दीवार हो रही है
Shakeel Jamali
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हो गई है मिरी उजड़ी हुई दुनिया आबाद मैं उसे ढूँढ़ रहा हूँ ये बताने के लिए
Shakeel Jamali
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