उसे हक़ अगर हाँ ख़ज़ाने की दे दी यही मान लो हक़ लुटाने की दे दी
Related Sher
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है
Tehzeeb Hafi
272 likes
गले तो लगना है उस से कहो अभी लग जाए यही न हो मेरा उस के बग़ैर जी लग जाए मैं आ रहा हूँ तेरे पास ये न हो कि कहीं तेरा मज़ाक़ हो और मेरी ज़िंदगी लग जाए
Tehzeeb Hafi
267 likes
मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे
Tehzeeb Hafi
266 likes
मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
136 likes
More from Raunak Karn
ज़माना देख लेगा कौन हैं हम वक़्त आने पर अभी ख़ुद को जलाऍंगे अभी ख़ुद को तपाऍंगे अभी तो जा रहे हैं डूब कर के मात खाने को मगर इक रोज़ रौनक़ बनके हम भी लौट आऍंगे
Raunak Karn
0 likes
तुम आ सको तो आओ मेरे पास मेरे घर सच है यही मैं ने तो तुम्हें छोड़ दिया है
Raunak Karn
0 likes
तुम्हारे दूर जाते ही क़लम नज़दीक आती है तुम्हारा दूर जाना अब मुझे हरगिज़ नहीं खलता
Raunak Karn
0 likes
ज़मीं भी सूख जाती है हमारे ही दिलों की यूँँ हमें देखे तरस तो फिर तरस को भी तरस आए
Raunak Karn
0 likes
सही में यार वो हरदम, हमारे पास रहता था पता है ही नहीं अब क्यूँ वही बिस्तर बदलता है
Raunak Karn
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Raunak Karn.
Similar Moods
More moods that pair well with Raunak Karn's sher.







