ye bhi ek rang hai shayad meri mahrumi ka koi hans de to mohabbat ka guman hota hai
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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अब इक तीर भी हो लिया साथ वर्ना परिंदा चला था सफ़र पर अकेले
Ghulam Mohammad Qasir
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मिरे दिए ने अँधेरे से दोस्ती कर ली मुझे तू अपने उजाले में जानता है तो आ
Ghulam Mohammad Qasir
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कश्ती भी नहीं बदली दरिया भी नहीं बदला और डूबने वालों का जज़्बा भी नहीं बदला
Ghulam Mohammad Qasir
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हर साल की आख़िरी शामों में दो चार वरक़ उड़ जाते हैं अब और न बिखरे रिश्तों की बोसीदा किताब तो अच्छा हो
Ghulam Mohammad Qasir
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गलियों की उदासी पूछती है घर का सन्नाटा कहता है इस शहर का हर रहने वाला क्यूँँ दूसरे शहर में रहता है
Ghulam Mohammad Qasir
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