यूँँ मेरे सामने बढ़-चढ़ के मत आ ऐ अमीर-ए-शहर तेरे जैसे अमीरों से मेरी क़ीमत नहीं मिलती
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँँ रुका है ख़ुश हूँ मैं वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त 'ग़ालिब' नाम हम ने कभी गुलज़ार नहीं रक्खा है मेरे बच्चे भी मुहब्बत में वफ़ा करते हैं मैं ने घर में कभी हथियार नहीं रक्खा है
Rakesh Mahadiuree
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क़ल्ब का नाम क़ल्ब होता है अक़्ल का नाम जी-हुज़ूरी है
Rakesh Mahadiuree
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तुम्हारी उम्र के लड़कों से बातें कम करो 'राकेश' तुम्हारी उम्र के लड़के बड़प्पन कम समझते हैं
Rakesh Mahadiuree
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ऐ मेरी उम्र के लड़कों ये हिदायत है तुम्हें दिल से आगे भी चलो पेट चलाने के लिए
Rakesh Mahadiuree
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उस एक शख़्स को हम भूलने की कोशिश में न जाने कितनी दफ़ा उस को याद कर बैठे
Rakesh Mahadiuree
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