एक मुसलसल कोशिश ये बतलाती है छैनी से पर्वत काटा जा सकता है
Related Sher
तुझे भूल जाने की कोशिशें कभी कामयाब न हो सकीं तिरी याद शाख़-ए-गुलाब है जो हवा चली तो लचक गई
Bashir Badr
32 likes
मुहब्बत दुसरी कोशिश में पहली मर्तबा होगी वही स्कूल की लड़की मेरे कॉलेज में आई है
Nasir khan 'Nasir'
36 likes
मिन्नत, कोशिश, अश्क-ओ-आह, फ़ुज़ूल है उफ़! ये उल्फ़त कितनी ऊल-जुलूल है
Saurabh Mehta 'Alfaaz'
13 likes
मुमकिन ही नहीं जीतना कोशिश से कोई दिल कुछ बस में नहीं बाल बनाने के अलावा
Shariq Kaifi
50 likes
तोड़ कर तुझ को भला मेरा भी क्या बन जाता उल्टा मैं ख़ुद की मुहब्बत प सज़ा बन जाता जितनी कोशिश है तिरी एक तवज्जोह के लिए उस सेे कम में तो मैं दुनिया का ख़ुदा बन जाता
Ashutosh Vdyarthi
48 likes
More from Divy Kamaldhwaj
इस रण में जय और पराजय मेरी है तू गाण्डीव उठा, कर हमला आगे बढ़
Divy Kamaldhwaj
3 likes
रोते बच्चे पूछ रहे हैं मम्मी से कितना पानी और मिलाया जाएगा
Divy Kamaldhwaj
2 likes
रंग को मलने से ही रौनक़ नइँ आती हर इक नुस्ख़ा यार किताबी होता है देखो शर्माना भी बहुत ज़रूरी है शर्माने से रंग गुलाबी होता है
Divy Kamaldhwaj
31 likes
मेरे भीतर नहीं लिखने की तड़पन है तड़पन, इस लिए मैं लिख रहा हूँ
Divy Kamaldhwaj
4 likes
भारत के उपकार को, मान रहे सब लोग रोग 'घटाने' के लिए, दिया विश्व को 'योग'
Divy Kamaldhwaj
14 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Divy Kamaldhwaj.
Similar Moods
More moods that pair well with Divy Kamaldhwaj's sher.







