फ़र्त-ए-ख़ुशी से अपनी जो भी रश्क करते हैं उन को तिरी बनाई वो जन्नत तलब नहीं
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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हम जो थे कभी सिकंदर अपनी दुनिया के उन के हाथों का खिलौना बन कर रह गए
Sabir Hussain
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ता-कयामत प्यासे सब दरिया रहेंगे दरिया की तो तिश्नगी ख़ुद कर्बला हैं
Sabir Hussain
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ग़ुस्सा भी माँ का प्यार से तो कम नहीं मैं मर-मिटूँगा इतनी प्यारी चीख पर
Sabir Hussain
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शोर-ओ-गुल माज़ी के अपने याद कर के तन्हा बूढ़ा घर बिलख कर रो रहा है
Sabir Hussain
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तेरी दोस्ती तो महँगी पड़ी है चारा-गर ज़ख़्म हर-सू अब मेरा इंतिज़ार करते हैं
Sabir Hussain
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