घर में अब कुछ नहीं है बेचने को ऐ साक़ी ऐसा ग्राहक दे कि जो ख़्वाब लिया करता है
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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उस एक शख़्स को हम भूलने की कोशिश में न जाने कितनी दफ़ा उस को याद कर बैठे
Rakesh Mahadiuree
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क़ल्ब का नाम क़ल्ब होता है अक़्ल का नाम जी-हुज़ूरी है
Rakesh Mahadiuree
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त 'ग़ालिब' नाम हम ने कभी गुलज़ार नहीं रक्खा है मेरे बच्चे भी मुहब्बत में वफ़ा करते हैं मैं ने घर में कभी हथियार नहीं रक्खा है
Rakesh Mahadiuree
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हर ख़राब चीज़ में भी ठीक चीज़ है दुनिया भी हसीन है ये दिलरुबा के साथ
Rakesh Mahadiuree
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उस आइने में हम तो सँवर भी नहीं सकते जिस आइने में अक्स तुम्हारा नहीं होगा
Rakesh Mahadiuree
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