हमारी शौक़ से ज़्यादा अहम घर की ज़रूरत है सो हम भी शौक़ मन की देहरी में क़ैद ऱखते हैं
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तू हर इक बात पे जो रूठ के जाने को कहता है तिरा किरदार है बेहद अहम मेरी कहानी में
nakul kumar
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तुम इस का नुक़सान बताती अच्छी लगती हो वरना हम को शौक़ नहीं है सिगरेट-नोशी का
Khurram Afaq
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हमारी आख़िरी सिगरेट थी ये अरे दुनिया जो तुझ पे ग़ुस्से में हम ने अभी जला ली है
Swapnil Tiwari
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शौक़ है इस दिल-ए-दरिंदा को आप के होंठ काट खाने का
Jaun Elia
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फिर उसी बे-वफ़ा पे मरते हैं फिर वही ज़िंदगी हमारी है
Mirza Ghalib
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पूर्ण अधिकार जिस पर हमारा रहा एक मुखड़ा जो आँखों का तारा रहा एक लड़का बदन जिस का ब्याहा गया एक लड़का जो मन से कुँवारा रहा
Jatin shukla
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वर्ना तोहफ़े दिल्ली भेजे जाते पर चूड़ी का अपमान नहीं कर सकता मैं
Jatin shukla
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मुक़दमा जल्द ही उस पे करूँँगा हमारी आज कल सुनती नहीं जो
Jatin shukla
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प्राण को देह से दूरी दे देगा कल राज्य धर्म ऐसी मजबूरी दे देगा कल एक धोबी ने अपराध तय कर दिया एक राजा भी मंज़ूरी दे देगा कल
Jatin shukla
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मूल्य एक से चार किया है फूलों का यूँँ महँगा बाज़ार किया है फूलों का तुम क्या जानो पीड़ा बेबस तितली की तुम ने तो व्यापार किया है फूलों का
Jatin shukla
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