har ek rind ke hath mein jam-e-jam ho kuchh is shan ka mai-kada chahta hun
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
More from Amjad Ali Ghaznawi
ज़िंदगी का हर वरक़ बा-शौक़ पढ़िए ये किताब इक रोज़ लौटानी भी तो है
0 likes
उस सेे कहने में जब शरम आई तब मिरे हाथों में क़लम आई ज़िन्दगी मेरे हिस्से में तू भी आई लेकिन बहुत ही कम आई
0 likes
तेरी सब औक़ात पता है मुझ को अच्छे से मेरे नाम से ही तुझ को पहचानते हैं सब लोग
0 likes
तू मुझे मुहब्बत से देखती है जब जब भी तेरे गाल का डिंपल लाजवाब लगता है
0 likes
सर झुका सकता नहीं कोई बुतों के आगे मेरे दिल में वो ख़ुदा है वो ख़ुदा रहने दो
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Amjad Ali Ghaznawi.
Similar Moods
More moods that pair well with Amjad Ali Ghaznawi's sher.







