इक ज़ख़्म तो पहले से ही हम खाए हुए हैं और फिर किसी पे हज़रत-ए-दिल आए हुए हैं तू साथ है तो और ही कुछ बात है वरना पहले भी तिरे शहर में हम आए हुए हैं
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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तुम इन्तिज़ार तो कर दोगे ख़त्म आ के मगर न कर सकोगे अदा मेरे इन्तिज़ार का हक़
Saif Dehlvi
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यक़ीन मान जो दिन तेरे साथ गुज़रे थे उन्हीं दिनों को मैं इस ज़िन्दगी में गिनता हूँ
Saif Dehlvi
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चाँद तारों से बात ख़त्म हुई अब तो सो जाओ रात ख़त्म हुई
Saif Dehlvi
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तुम उस से पूछना कभी रफ़्तार वक़्त की बैठा हुआ हो जो किसी के इन्तिज़ार में
Saif Dehlvi
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वक़्त-ए-जुदाई सर को झुकाए उन का मुझ से ये कहना देखो कल शादी है मेरी और तुम को भी आना है चाँद सितारों सो जाओ तुम जल्दी सूरज को भेजो सुब्ह सवेरे मुझ को मेरे यार से मिलने जाना है
Saif Dehlvi
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