ख़मोशी से कभी जो शे'र लिखते हैं सुकून-ए-दिल के देखो वो फ़साने हैं
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तिरे कहने पे क्या मैं आम हो जाऊँ बिना ही बात के नीलाम हो जाऊँ
Saba Rao
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यतीमों का ख़ुदा ने घर बसाया है गरीबों को भी उन का हक़ दिलाया है ज़ुलैख़ा की तरह तू माँग मौला से जिसे दिल की तिजोरी में छुपाया है
Saba Rao
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इस क़दर रोए सामने उन के फिर भी इक पल नहीं तका हम को सारे जज़्बात मर रहे हैं अब सब्र की अब बता दुआ हम को
Saba Rao
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नाम से अब मिरे महफ़िल भी सजाने वो लगा फिर भरी महफ़िलों में नज़रें चुराने वो लगा छोड़ के आज मुझे ग़म के घराने में वो अपना अहबाब किसी और को बनाने वो लगा
Saba Rao
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सनम जिस दर्द-ए-दिल में मुब्तला है तू मैं ऐसे दर्द-ए-दिल की बाम हो जाऊँ
Saba Rao
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