माप कर देखा है मैं ने घड़कनों को अपनी इन बे-तहाशा धड़के तेरी मुख़्तसर सी दीद से
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
136 likes
मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
135 likes
मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है
Ahmad Faraz
118 likes
मोहब्बत अपनी क़िस्मत में नहीं है इबादत से गुज़ारा कर रहे है
Fahmi Badayuni
115 likes
More from Abha sethi
ज़ुल्फ़ों में सजा मुझे लो अपनी तुम बना के गुल बन सदा-बहार मैं खिला रहूँगा साए में
Abha sethi
0 likes
यूँँ तो है दफ़्तर में काम बहुत फिर भी निकाल लेते वक़्त तसव्वुर का तेरे
Abha sethi
0 likes
वक़्त- बे-वक़्त यूँँ ही आया कर दिल है घबराता वादो से मेरा
Abha sethi
0 likes
पल पल खनकती बातें करती है लगे जैसे के हो चंचल सी बातूनी सखी पाज़ेब ये जी आप की
Abha sethi
0 likes
नहीं करता तिरा भी दिल कभी तू हँस ज़रा घुल-मिल
Abha sethi
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Abha sethi.
Similar Moods
More moods that pair well with Abha sethi's sher.







