मैं हूँ सदियों से भटकता हुआ प्यासा दरिया ऐ ख़ुदा कुछ तो समुंदर के सिवा दे मुझ को
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है
Ahmad Faraz
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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कुछ तो करें कि दिल ये कहीं और जा लगे कुछ देर के लिए सही आँखों को चैन हो
Afzal Ali Afzal
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वक़्त ए इफ़्तार ख़ुद रब था मेरे क़रीब तुझ से बढ़ कर मगर कुछ न माँगा गया
Afzal Ali Afzal
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चालीस साल इस को अकेले निभाएँगे ये चार साल का जो तअल्लुक़ था दरमियाँ
Afzal Ali Afzal
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ऐसी हैं क़ुर्बतें के मुझी में बसा है वो ऐसे हैं फ़ासले के नहीं राब्ता नसीब
Afzal Ali Afzal
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इश्क़ के रंग में ऐ मेरे यार रंग आया फिर आज रंगों का तेहवार रंग हो गुलाबी या हो लाल पीला हरा आ लगा दूँ तुझे भी मैं दो चार रंग
Afzal Ali Afzal
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