मैं उसे जब धोखे खाते देखता हूँ सोचता हूँ बे-वफ़ाई की सज़ा तो बे-वफ़ाई होती है दोस्त
Related Sher
ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
394 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा
Sahir Ludhianvi
206 likes
More from AMAN RAJ SINHA
परेशानी कभी मेरी बिना बोले समझ जाओ ज़बाँ से हर दफ़ा बोलूँ ज़रूरी तो नहीं है ना
AMAN RAJ SINHA
2 likes
यूँ देख कर तुझ को यही लगता है अब मासूमियत के तू ने पर्दे ओढ़े हैं
AMAN RAJ SINHA
3 likes
जो देखते थे दुनिया मेरी आँखों से कभी ऑंखें वही दिखा रहे हैं मुझ को आजकल
AMAN RAJ SINHA
0 likes
फिर मुहब्बत करने की जब सोची मैं ने यार फिर हिजरत की आई याद मुझ को
AMAN RAJ SINHA
5 likes
एक ये भी तल्ख़ सच है ज़िंदगी का मेरे दोस्त शख़्स कोई सिर्फ़ मेरा तो कभी होता नहीं
AMAN RAJ SINHA
5 likes
Similar Writers
Our suggestions based on AMAN RAJ SINHA.
Similar Moods
More moods that pair well with AMAN RAJ SINHA's sher.







