sherKuch Alfaaz

मुझ से बिला-तक़ल्लुफ़ हो के मिलता है वो दोस्त है मिरा फूलों सा खिलता है

ALI ZUHRI8 Likes

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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं

Jaun Elia

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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा

Tehzeeb Hafi

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इतनी मिलती है मिरी ग़ज़लों से सूरत तेरी लोग तुझ को मिरा महबूब समझते होंगे

Bashir Badr

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कोरे काग़ज़ पर रो रहे हो तुम मैं तो समझा पढ़े लिखे हो तुम क्या कहा मुझ सेे दूर जाना है इस का मतलब है जा चुके हो तुम

Zubair Ali Tabish

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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है

Tehzeeb Hafi

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नज़र घुमा के कभी देख ले घड़ी की तरफ़ बहुत समय से कोई तेरे इंतिज़ार में है

ALI ZUHRI

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तुम जो दीवानों को आवारा बता देते हो तुम तो मेआ'र मोहब्बत का गिरा देते हो तुम को आता है नए लोगों में घुलना मिलना बा'द हिजरत के नया शहर बसा देते हो

ALI ZUHRI

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आदमिय्यत के तक़ाज़ात निभा सकता हूँ तेरी कश्ती को मैं साहिल से लगा सकता हूँ मैं ने समझा है तुझे अपना वजूद-ए-सानी कैसे मेआ'र तेरा दिल से गिरा सकता हूँ

ALI ZUHRI

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तुम्हारी मौत का दुख होता तो सहन होता तुम्हारे हिज्र का दुख कैसे सह सकूँगा मैं

ALI ZUHRI

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इस लिए फोन का नंबर नहीं बदला मैं ने तुम मुझे कॉल करोगी कि ज़रूरत है अली एक ही जुमला तो सुनना था मुझे तुम सेे मगर ये भी तुम ने न कहा तुम सेे मोहब्बत है अली

ALI ZUHRI

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