मुमताज़ बनने से रही तू, हाँ मगर ज़िंदा भले तू बोल चुनवा दूँ तुझे
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
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किताब फ़िल्म सफ़र इश्क़ शा'इरी औरत कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढ़ता हुआ मैं
Jawwad Sheikh
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मैं साँसें तक लुटा सकता हूँ उस के इक इशारे पर मगर वो मेरे हर वादे को सरकारी समझता है
Rahat Indori
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जंग या मुहब्बत में है अगर जो सब जायज़ क़त्ल करते हम उन का शा'इरी नहीं करते
Kuldeep Tripathi KD
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इश्क़ है जाने क्या क्या सिखा देता है पहले लगता था पंखा हवा देता है दूसरे इश्क़ से हम ने समझा यही ज़ख़्म मरहम से ख़ुद ही मिला देता है
Kuldeep Tripathi KD
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बेटा हो या हो बेटी बराबर हैं सब याद तब आया जब उन को बेटी हुई
Kuldeep Tripathi KD
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दिए हैं ज़ख़्म कितने ज़िन्दगी ने भी फ़क़त महबूब ही क़ातिल नहीं मेरा
Kuldeep Tripathi KD
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ज़हर होंठों पे लगा के आया था वो था बड़ा शातिर, मियाँ दिलबर हमारा
Kuldeep Tripathi KD
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