मुश्किल घड़ी में साथ मिलना चाहिए हो बैर फिर भी हाथ मिलना चाहिए है वक़्त आता ज़िंदगी में भी बुरा बस ध्यान करते नाथ मिलना चाहिए
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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तजरबा बस तुम्हें है जीने का हम ने तो ज़िंदगी गँवाई है दस्त के आप ही मुसाफ़िर हो ख़ाक हम ने कहाँ उड़ाई है
Shubham Rai 'shubh'
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ये लोग पूछेंगे हमें ज़रा ख़राब होने दो अधर से चूम लेंगे बस मियाँ शराब होने दो
Shubham Rai 'shubh'
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साँस लेने के भी पैसे देने होंगे इस क़दर महँगाई बढ़ती जा रही है
Shubham Rai 'shubh'
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सब हो ये वक़्त-ए-रुख़्सत न हो हो मुलाक़ात आफ़त न हो तुम तसव्वुर में आती रहो दिल लगे तुम सेे नफ़रत न हो
Shubham Rai 'shubh'
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सिर झुकाऊँगा सब को भरोसा न था देख कर मैं तुझे ख़ुद-ब-ख़ुद झुक गया
Shubham Rai 'shubh'
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