रहता हूँ बेक़रार सा इक हम सफ़र को मैं ऐ आसमान क्या करूँँगा रहगुज़र को मैं दिल मेरा तार-तार है मैं क्या बताऊँ अब बोलो के क्या बताऊँगा बादे सहर को मैं
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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उस ने बुलवाया मुझे जाना पड़ा बे-सबब ही मुझ को मुस्काना पड़ा
Navneet krishna
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ज़ख़्म रिसता है दवाओं का असर होने तक हम न मिट जाएँ कहीं उन को ख़बर होने तक
Navneet krishna
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ग़म-ज़दा गीत गुनगुनाना है हाल-ए-दिल आप को सुनाना है
Navneet krishna
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मेरा दिल इक फ़साना बना है टूटे दिल को लगाना पड़ा है
Navneet krishna
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क्या थे क्या आज हो गए हैं हम याद-ए-जानाँ में खो गए हैं हम पेड़ पर फल ज़रूर आएगा प्यार के बीज बो गए हैं हम
Navneet krishna
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