रोने लगा था आज बुढ़ापे को देख कर बच्चों के साथ खेल के बचपन से मिल लिया
Related Sher
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
283 likes
मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
228 likes
हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
979 likes
उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वगैरा करती है बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है रोने में आसानी पैदा करती है
Tehzeeb Hafi
285 likes
More from salman khan "samar"
ये पता चलता आज़माने पर कौन रोता है दूर जाने पर मैं अलग हूँ ज़रा ज़माने से मुस्कुराता हूँ मैं सताने पर
salman khan "samar"
0 likes
वो पेड़ यूँँ पत्तों से जुदा रहने लगा है जैसे कोई अपनों से जुदा रहने लगा है पैसों की कमी आए न बच्चों पे कभी भी वो बाप तो बच्चों से जुदा रहने लगा है
salman khan "samar"
0 likes
राजा मंडी में कल झुमके बिक रहे थे झुमकों को देख मुझे तेरी याद आई
salman khan "samar"
0 likes
शादी में गुलाबी सी जो कुर्ती वो पहन ले दुनिया की निगाहें तो अटक जाए उसी पे
salman khan "samar"
0 likes
पाला है बुज़ुर्गों ने समर लाड़ से तुम को रखनी है संजो कर के तुम्हें इन की निशानी
salman khan "samar"
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on salman khan "samar".
Similar Moods
More moods that pair well with salman khan "samar"'s sher.







