तुम्हारी शान में पढ़ता है दिल क़सीदे मेरा तुम्हारे हुस्न का नज़रें तवाफ़ करती हैं
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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ये शे'र बाद-ए-शजर तुर्बत-ए-शजर पे लिखो सफ़र सफ़र में सफ़र ज़िंदगी का ख़त्म हुआ
Shajar Abbas
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ये फ़ुर्क़त रंज ग़म रुसवाई हिजरत हिज्र तन्हाई हैं हम पर ये सभी दौलत मगर ये जी नहीं लगता
Shajar Abbas
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ये इश्क़ जो है एक हिमाक़त है दोस्तों सब कीजिए मगर ये हिमाक़त न कीजिए
Shajar Abbas
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ये ज़मीं आसमान दे दूँगा मैं तुम्हें दो जहान दे दूँगा और क्या दूँ भला सुबूत-ए-वफ़ा जान माँगोगे जान दे दूँगा
Shajar Abbas
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उम्र भर हैफ़ शजर शाम-ओ-सहर आँखों ने मक़्तल-ए-क़ल्ब में अरमानों के लाशे देखे
Shajar Abbas
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