तुम्हें भी देखना था दर्द मेरा तुम्हें नज़रें मिलानी चाहिए थी मिला कुछ भी नहीं इज़्ज़त से हम को हमें दौलत कमानी चाहिए थी
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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अब लगता है ठीक कहा था 'ग़ालिब' ने बढ़ते बढ़ते दर्द दवा हो जाता है
Madan Mohan Danish
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ख़ुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होना इश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होना देखना, चाहना, फिर माँगना, या खो देना ये सारे खेल हैं, इन में उदास मत होना
Kumar Vishwas
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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चाँद चेहरा ज़ुल्फ़ दरिया बात ख़ुशबू दिल चमन इक तुम्हें दे कर ख़ुदा ने दे दिया क्या क्या मुझे
Bashir Badr
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मैं अकेला ही नहीं था इश्क़ में जो लिखे उस ने वो ख़त भी देखिए काग़ज़ी है इश्क़ अब तो मानिए काग़ज़ों पर दस्तख़त भी देखिए
Ravi 'VEER'
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तितलियों की थी ज़रूरत सो उसे रक्खा मगर वो बग़ीचे के सभी फूलों को पत्थर कर गया
Ravi 'VEER'
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शा'इरी ये हुस्न और ये इश्क़ की बातें जनाब इक समय तक ठीक है फिर छोड़ देनी चाहिए
Ravi 'VEER'
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दुख के बा'द तो ख़ुशियाँ आनी होती है मेरे रब तू ये भी भूल गया शायद
Ravi 'VEER'
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पढ़ने को है बहुत किताबें पास मगर हैरत है, मैं उस की आँखें पढ़ता हूँ
Ravi 'VEER'
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