तुम्हीं हो साँस में बसती तुम्हीं कण कण में हो मेरे जो मर के भी न टूटेगा वही बंधन बना लूँगा
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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क्या ग़लत-फ़हमी में रह जाने का सदमा कुछ नहीं वो मुझे समझा तो सकता था कि ऐसा कुछ नहीं इश्क़ से बच कर भी बंदा कुछ नहीं होता मगर ये भी सच है इश्क़ में बंदे का बचता कुछ नहीं
Tehzeeb Hafi
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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ये सावन ,माह ये ज़ुल्मी जवानी ज़माने बा'द सब कच्चा लगेगा
Krishnavat Ritesh
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मेरे मालिक मेरे मौला तेरा बस इक सहारा हो जहाँ को जीत लाऊँ मैं तेरा बस इक इशारा हो
Krishnavat Ritesh
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नज़र से नज़र को मिलाओ तो जानूँ लबो पे लबो को सजाओ तो जानूँ अगर मुझ से करते हो इतनी मोहब्बत मोहब्बत मैं मर कर दिखाओ तो जानूँ
Krishnavat Ritesh
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ये माथे पे जो कुमकुम है ये कानों में जो बाली है मेरे गर्दन में जो चमके वही कुंदन बना लूँगा
Krishnavat Ritesh
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हादसा ये देख कर के डर गया है अब ज़माने से मिरा मन भर गया है
Krishnavat Ritesh
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