वो मिले जहाँ भी थे चूमते थे ज्यूँँ झुमके लब कभी न मिल पाए वो सफ़र था आरिज़ तक
Related Sher
कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
Khalil Ur Rehman Qamar
164 likes
दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों
Bashir Badr
81 likes
कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़ किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे
Gulzar
88 likes
हमेशा इक दूसरे के हक़ में दुआ करेंगे ये तय हुआ था मिलें या बिछड़ें मगर तुम्हीं से वफ़ा करेंगे ये तय हुआ था
Shabeena Adeeb
87 likes
चेहरा धुँदला सा था और सुनहरे झुमके थे बादल ने कानों में चाँद के टुकड़े पहने थे इक दूजे को खोने से हम इतना डरते थे ग़ुस्सा भी होते तो बातें करते रहते थे
Vikram Gaur Vairagi
82 likes
More from arjun chamoli
तड़प के रोए हैं चेहरा अगर छुपाया है कि लोग देख न ले आँख में समुंदर को
arjun chamoli
0 likes
उस में और शराब में बस फ़र्क इतना था जो पी कर और छू कर बहकने जितना था
arjun chamoli
2 likes
तिरी मासूमियत बर्बाद कर देगी मुझे इक दिन बिना काँटों भरी राहें सभी आसाँ समझते हैं
arjun chamoli
2 likes
धूल जमने से न बदले हैं किताबों में फ़साने वक़्त भर दे घाव हर इक ये ज़रूरी तो नहीं है
arjun chamoli
1 likes
ख़्वाब में शायद मिरा बिछड़ा हुआ महबूब था अस्ल में कल रात बिस्तर सिलवटों से भर गया
arjun chamoli
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on arjun chamoli.
Similar Moods
More moods that pair well with arjun chamoli's sher.







