wo muskura ke koi baat kar raha tha 'shumar' aur us ke lafz bhi the chandni mein bikhre hue
Related Sher
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
More from Akhtar Shumar
मुहब्बत भी मुसीबत है करें क्या मगर अपनी ज़रूरत है करें क्या हम उस से बच के चलना चाहते हैं मगर वो ख़ूब-सूरत है करें क्या
Akhtar Shumar
13 likes
मैं तो इस वास्ते चुप हूँ कि तमाशा न बने तू समझता है मुझे तुझ सेे गिला कुछ भी नहीं
Akhtar Shumar
15 likes
मुद्दतों में आज दिल ने फ़ैसला आख़िर दिया ख़ूब-सूरत ही सही लेकिन ये दुनिया झूट है
Akhtar Shumar
20 likes
दुश्मनी कर मगर उसूल के साथ मुझ पर इतनी सी मेहरबानी हो मेरे में'यार का तक़ाज़ा है मेरा दुश्मन भी ख़ानदानी हो
Akhtar Shumar
44 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Akhtar Shumar.
Similar Moods
More moods that pair well with Akhtar Shumar's sher.







