ज़ब्त का ऐसे इम्तिहान न ले ऐ मेरी जान मेरी जान न ले
Related Sher
मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
271 likes
कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
321 likes
रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
307 likes
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
क्या ग़लत-फ़हमी में रह जाने का सदमा कुछ नहीं वो मुझे समझा तो सकता था कि ऐसा कुछ नहीं इश्क़ से बच कर भी बंदा कुछ नहीं होता मगर ये भी सच है इश्क़ में बंदे का बचता कुछ नहीं
Tehzeeb Hafi
306 likes
More from Khalid Sajjad
मंज़र बना हुआ हूँ नज़ारे के साथ मैं कितनी नज़र मिलाऊँ सितारे के साथ मैं दरिया से एक घूँट उठाने के वास्ते भागा हूँ कितनी दूर किनारे के साथ मैं
Khalid Sajjad
22 likes
ज़हीफ़ी इस लिए मुझ को सुहानी लग रही है इसे कमाने में पूरी जवानी लग रही है नतीजा ये है कि बरसों तलाश-ए-ज़ात के बा'द वहाँ खड़ा हूँ जहाँ रेत पानी लग रही है
Khalid Sajjad
25 likes
अलमास धरे रह जाते हैं बिकता है तो पत्थर बिकता है अजनास नहीं इस दुनिया में इंसाँ का मुक़द्दर बिकता है 'खालिद सज्जाद' सुनार हूँ मैं इस ग़म को ख़ूब समझता हूँ जब बेटा छुप कर रोता है तब माँ का ज़ेवर बिकता है
Khalid Sajjad
28 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Khalid Sajjad.
Similar Moods
More moods that pair well with Khalid Sajjad's sher.







